#1. गंगा घाट से घर-घर तक: एक स्वदेशी शुरुआत दंतमंजन से टूथपेस्ट का उदय गंगाघाटसेघर-घर तक, Patanjali Dant Kanti की पूरीकहानी। कल्पनाकीजिए,हरिद्वार कीसुबहहै।गंगाकेघाटपरभीड़है,आरतीकीआवाजहै,औरकुछलोगएकछोटासाआयुर्वेदिक दंतमंजनमुफ्तमेंबांटरहेहैं।उससमयकिसीकोअंदाजानहींथाकियहीछोटा packet एकदिनबड़े toothpaste brands कोचुनौतीदेगा। पुराने नुस्खों की वापसी डरयहथाकिभारतीयघरोंसेधीरे-धीरे पुराने देसीनुस्खेगायबहोरहेथे।नीम,लौंग,बबूलऔरपुदीनाजैसीचीजेंदादी-नानी की बातोंमेंबचरहीथीं,लेकिन bathroom shelf परजगहविदेशी-style toothpaste नेलेलीथी। जिज्ञासा यहींसेशुरूहोतीहैकिआखिरऐसाक्याहुआ,जोघाटोंपरबांटागयाएकदंतमंजन,बादमें Patanjali Dant Kanti बनकरकरोड़ों घरोंकीपहचानबनगया?यहसिर्फ toothpaste कीकहानीनहीं,एक brand psychology कीकहानीहै। … Read more